किधर?


अजदकायमान

पानी पर हम

जो भी है, बड़ी फैसिनेटिंग है!


प्री-पोस्ट त्वरित टिप्पणी –

कर दो पोस्ट। क्या फरक पड़ता है। तुम सब आधे दिमाग के लोग हो – रीता पाण्डेय।

(लिंकित पोस्ट पर जाने के लिये चित्र क्लिक करें)


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23 thoughts on “किधर?

  1. \\\\\\\\\/////////[[[[[[[[[[[{{{{}}}}}]]]]]]]]xxxxxx 😀 🙂 😀 🙂 😀 🙂 😀 🙂 टिप्पणी गुम जाएगी, लेख ये बदल जाएगा, मेरी की-स्ट्रोक ही पहचान हैगर याद रहे 🙂

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  2. ये आधे दिमाग वाला जुमला काफी फिट बैठता लग रहा है :)आप सभी इस प्रश्न का जवाब सिर्फ हाँ या ना में दें।प्रश्न – क्या आप के घरवाले जानते हैं कि आप के पास आधा दिमाग है ?( जवाब सिर्फ हाँ या ना में होना चाहिये) – उत्तर में दोनो तरफ से आप ही फंसेंगे 🙂

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  3. क्या बात है? रीता चाची से कभी मिला नहीं, कभी बात भी नहीं हुई.. मगर फिर भी उन्होंने मुझे पहचान लिया.. 😀

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  4. लस्त, पस्त, पलस्त और त्रस्त. रूखी-सूखी बेजान कलुषित रसहीन एकाकी छद्म बुद्धिजीविता का परिणाम.वैसे भाभी जी की बात सौ फीसदी सही है.

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  5. कहा गया है- जंह-जंह चरण पड़े संतन के , तंह-तंह बंटाधार। कल हमसे मुलाकात के बाद ही भाभीजी को यह ज्ञानप्राप्त हो गया कि ब्लागर आधे दिमाग वाले होते हैं। 🙂

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  6. सब समझदार होते तो यह दुनिया नीरस और बेरंग ही होती । पूरे दिमाग वाले लोग शादी भी नहीं करते ।जमाना हम (आधे दिमाग वालों) से ही है ।

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  7. हब सब आधे दिमाग के हैं तो फ़िर ताऊ का क्या होगा ? सुबह आठ बजे से ४ बार आ चुका हूँ ! बहुत चिंता में हूँ ! देखता हूँ फ़िर आके आगे क्या होता है ?

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  8. जबसे अजदक पढ़े थे, आत्म विश्लेषण के महासागर में डुबकी लगा रहे थे. अब इसे पढ़ कर तो जल समाधि ले लिए हैं.यूँ तो भाभी जी को साधुवाद कि इतना सम्मान दिया वरना तो “तुम सब पगलाए गये हो का” सुनते सुनते कान पक गये थे.

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  9. भाई दिमाग चाहे आधा हो या पोना, उसे काम आना चाहिये,यानि चलना चाहिये , वरना तो … एक आदमी डा के पास गया अपने दिमाग को चेक करवाने, अब डा हेरान हुआ ओर बोला आप के आस तो सिर्फ़ आधा ही दिमाग है भाई?? वह आदमी बोला जानता हुं पिछले बीस साल से मेरी बीबी मेरा दिमाग खा रही है….शुकर आधा तो बच गया.

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  10. बढ़िया है… अगर आधे दिमाग से दुनिया ऐसे चल रही है तो पूरे दिमाग से कैसे चलेगी.. सोचने का विषय है.लेकिन समस्या है के सोचेंगे भी तो फ़िर वाही आधे दिमाग से.

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