मेला फिर!


मेला फिर लगेगा। अभी तड़के देखा – तिकोनिया पार्क में झूला लगने लगा है। लगाने वाले अपने तम्बू में लम्बी ताने थे। कल से गहमागहमी होगी दो दिन। सालाना की गहमागहमी।

अनरसा, गुलगुला, नानखटाई, चाट, पिपिहरी, गुब्बारा, चौका, बेलन, चाकू से ले कर सस्तौआ आरती और फिल्मी गीतों की किताबें – सब मिलेगा। मन्दिर में नई चप्पलें गायब होंगी और भीड़ की चेंचामेची में जेबें कटेंगी।

जवान लोग मौका पा छोरियों को हल्के से धकिया-कोहनिया सकेंगे। थोड़ा रिक्स रहेगा पिटने का! पर क्या!? मेला तो है ही मेल की जगह। थोड़ा रिक्स तो लेना ही होगा!

Mela2 झूले की तैयारी

Mela1 झूले की तैयारी

Mela3 सजता कोटेश्वर महादेव मन्दिर


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