सांप का मरना


यह सांप खुले आसमान के नीचे रेत में मरा पड़ा था। कोई चोट का निशान नहीं। किसी अन्य जीव के चिह्न चिन्ह नहीं (यद्यपि रेत पर हवा चिन्ह चिह्न मिटा देती है)। अकेला मरा सांप।

बूढ़ा था क्या? बुढ़ापा मारता है तो यूं चलते फिरते खुले आसमान के नीचे? सांप को दिल का दौरा पड़ता है क्या?

Dead Snake

Dead Snake2

सांप की दायीं आंख सफेद पड़ चुकी थी। सांप के शरीर में जो सामान्य चमक होती है, वह समाप्त होती जा रही थी। जिस प्रकार से वह मरा था, उससे लगता था कि रेत में भटक गया था वह और आगे बढ़ कर रेत पार कर सकने की ताकत नहीं बची थी।

पता नहीं रेत में सांप चल पाते हैं या नहीं! मेरा कयास है कि जैसे चिकनी सतह पर चलना चाहिये, वैसे ही वे साइडवेज़ लूप बना कर चलते होंगे। यहां पर मरने की दशा में यह सांप तो सर्पिलाकार चाल में प्रतीत नहीं होता!

Sideways

अपडेट – यह है फ्लिकर से प्राप्त रेत के साइडविण्डर सांप का चित्र! यह सर्पिल गति ले कर अपने शरीर को साइड में धकेलता चलता है। आप टिप्पणी में पंकज अवधिया द्वारा प्रस्तुत वीडियो देखें! 

Sidewinder


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40 thoughts on “सांप का मरना

  1. आप में हिम्मत है!
    आप को कैसे पता था कि साँप मर चुका है?
    कैसे पता कि साँप सो नहीं रहा है?
    पास जाकर आपने यह तसवीर खींची।
    यदि लपककर आपको डंस लेता तो?
    तसवीर आकर्षक है।
    शुभकामनाएं
    जी विश्वनाथ

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    • जी, उससे दो मीटर की दूरी पर हम दम्पति रुके। मुआयना किया कि कोई हलचल है शरीर में। एक छोटा कीट उस पर से फुदकता निकला तो यकीन हो गया कि मरा हुआ है।

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  2. सांप की मौत पर संदेह है| आंखे सफेद — हो सकता है केंचुली उतार रहा हो और इसीलिये सुस्त हो|

    सर्प के विषय में ज्यादा नहीं जानता पर लम्बाई देखकर लगता है कि जहरीला नहीं होगा| ऐसे ही एक सर्प ने माँ को काटा था तीन वर्ष पहले पर जहर नहीं था उसमे|

    सांप कैसे रेत में चलता है उसके लिए प्रस्तुत है एक वीडीयो|

    मुझे तो यह भ्रष्टाचार का सर्प लगता है जिसे पिछले हफ्ते जब छेड़ा गया तो उसने खूब हंगामा किया| अब सुस्ता रहा है अगले आन्दोलन तक| 🙂

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    • केंचुल छोडने के लिये तो सांप अपनी चमड़ी कड़ी और खुरदरी सतह से रगड़ता है। यहां तो रेत ही रेत थी करीब 300 मीटर की परिधि में। अत: वह कारण तो नहीं लगता।

      यह तो लगता है भूख हड़ताल की तार्किक परिणिति का मामला है!

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      • तस्वीर एक बार फिर ध्यान से देखी| कहीं सर के नीचे का हिस्सा चीटी का खाया हुआ नहीं दिखता| आपको दिखता है क्या?

        अपने पुराने वीडीयों में मुझे इस प्रजाति के सांप का एक वीडीयो मिला| गांव के एक घर में घुस जाने के कारण उसके सर पर चोट की गयी थी और वह अंतिम साँसे ले रहा था|

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  3. जीना और मरना तो ऊपर वाले के हाथ में है जहाँपनाह…

    चिन्ह –> चिह्न

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  4. Gyanji,

    I noticed something in the picture.
    In the first, it appeared that the snake had died due to a portion of its body being bitten and chewed off, just inches from the mouth.

    In the next, (close up view) it is clear that no such thing has happened and the body is intact.
    What is amazing is that the colour of that patch on the snake is exactly the same as the colour of the rock on which it lies. And this is what created that impression in my mind.
    Am I the only one who has noticed this?
    Regards
    GV

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  5. On further observation I now realize that the snake’s colour is uniform.
    That gray patch near the head is some sand sticking to the body of the snake.
    The surface is not granite rock, as I first thought.

    Regards
    GV

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  6. ईमेल पर पोस्‍ट पढी तो बताने आ रहा था कि सांप चलता है रेत पर और बड़े आराम से चलता है। चाल वही सर्पिल रहती है, लेकिन रेत पर निशान सीधी लकीरों के रूप में पड़ते हैं। एक बार कहीं पढ़ा था कि दुनिया में सांपों की सोलह जहरीली जातियां हैं उनमें से बारह रेगिस्‍तान में मिलती हैं। जहां पानी कम होता है वहां सांप जहरीला होता है और पानी वाले सांपों में जहर नहीं होता। रेगिस्‍तानी सांप मिट्टी जैसे रंगों के ही होते हैं, यह सांप नम इलाके का ही दिखाई देता है। इसे देखकर लगता है बुढापे से ही मरा होगा।

    एक जानकारी और शेयर करना चाह रहा था कि दुनिया में केवल दो ही जीव हैं जो सांप से डरते हैं बन्‍दर और इंसान। बाकी तो सांप का भोजन मेंढ़क और चूहे भी सांप से इतना नहीं घबराते 🙂 जितने इंसान डरते हैं। शायद इनकी सर्पिल गति के कारण।

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      • पंकज जी के वीडियो में सांप सर्पिल गति ले कर साइड में अपने को धकेलते चल रहा है वह बहुत मोहक है। साइडविण्डर की गति वास्तव में विस्मयात्मक है!
        मेरे ब्लॉग पर कमेण्ट करने वाले साइडविण्डर छाप नहीं लगते! 🙂

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  7. 🙂 आप ब्लागरी के अपने जनून से बाज नहीं आयेगें और जीव विज्ञान प्रेमी होने के दायित्व से मैं भागने वाला नहीं …
    फिर वही लाल बुझक्कड़ी शुरू हो गयी ..दन से फिर यह पोस्ट क्या मुझे चिढाने के लिए है …?:)
    एनीवेज…..
    यह धामन है …
    १-किसी ने मार कर फेका होगा….
    २-बाद का काम चीटियों ने कर दिखाया है …सर के नीचे का हिस्सा चट किया है .
    ३-रेत के सांप सर्पिलाकार नहीं चलते ..रेत पर अलग अलग डंडियां दिखती हैं ..
    ४-यहाँ रेत के सांप नहीं मिलते …
    ५.सिविल लाईन्स जाईये ..पी जे देवरस की स्नेक्स आफ इण्डिया (नेशनल बुक ट्रस्ट ) या रोमुलस व्हिटकर की स्नेक्स खरीद खरीदइसी ताव में …तब तो कोई बात बनेगी ..नहीं तो यह पोस्ट भी एक निहायत बचकाना प्रयास बन के रह जायेगी …
    काश उन्मुक्त जी होते तो मेरी बात मान जाते …..

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  8. वाह सांप…
    पिछले महीने हम बाल बाल बचे थे एक जहरीले सांप के दंश से । हम कोलाराडो स्प्रिंग्स के एक पार्क में प्रकृति को निहार रहे थे कि अचानक कानों में एक अजीबोगरीब आवाज आयी। नजर नीचे (मिट्टी के जिस रास्ते पर हम चल रहे थे) गयी तो देखा एक करीब ४-५ फ़ुट लम्बा Rattle Snake कुंडली बांधे हमारे पैर से लगभग १ फ़ुट की दूरी पर है। उसका पोज बहुत एग्रेसिव था, अपनी पूंछ को झनझनाकर (rattling sound) वो हमें धमकी दे रहा था लेकिन डर की बात ये कि जब मेरी नजर उसपर पडी वो लगभग काटने का मन बना चुका था क्योंकि उसका सिर कुंडली के ऊपर लगभग ६-८ इंच ऊपर हवा में था।

    हम वहीं स्थिर हो गये, अब किसी भी हरकत का नतीजा कुछ भी हो सकता था। Rattle snakes कुंडली अवस्था से अपनी लम्बाई के ६० प्रतिशत दूरी तक उछलकर वार कर सकते हैं तो हम उसकी सीमा का अतिक्रमण कर ही चुके थे। उसके सिर पर नजर रखते हुये हमने आहिस्ता से दो कदम पीछे बढाये । ये देखकर उसने अपना सिर नीचा किया। अब हमने अपने जूते से जमीन पर दो बार पैर पटका तो वो चुपचाप बगल वाली झाडी में चला गया। लेकिन बस बाल बाल बचे क्योंकि अगर एक सेकेंड की भी दूरी होती तो उसका काटना निश्चित था।
    बच जाते क्योंकि पार्क रेंजर अपने साथ एंटी वेनम रखते हैं लेकिन सुना है Rattle snake का काटा बहुत दर्द करता है। उस दिन हमने लाटरी का टिकट भी खरीदा लेकिन भगवान भी एक दिन में दो बार अच्छी किस्मत थोडे न देगा 😉

    बहरहाल आपके फ़ोटो जबरदस्त लगे।

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    • डबल लाटरी? लाटरी शायद रैटल स्नेक भी सोचता होगा उसकी लगी थी! वह भी बच गया।
      कितने सांप मारे जाते हैं इस लिये कि आदमी उनसे डरता है। दो तीन तो मैने ही मारे/मरवाये होंगे। उनको मारने के पीछे भय ही था।

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  9. गंगा के किनारे वाली रेत और रेगिस्तान वाली रेत में बहुत फर्क होता है. रेगिस्तान में चलने वाले वाइपर का चित्र अच्छा है लेकिन मुझे लगा कि दोनों बातों की तुलना नहीं की जा सकती. बाकी तो सांपों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. केवल यह कि देखने में अच्छे और डरावने लगते हैं.

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  10. दुबारा इस पोस्‍ट पर ज्ञानवर्द्धन के लिए आयी थी .. टिप्‍पणी के माध्‍यम से सर्प के बारे में काफी जानकारी मिली .. आभार !!

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    • मेरे ब्लॉग पर टिप्पणियां सामान्यत: पोस्ट से ज्यादा सार्थक और महत्वपूर्ण होती हैं! लगभग हमेशा।

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  11. सांप में ‘हलचल’ न देखी रुक गए,
    ‘ज्ञान जी’ दो बात उस पर लिख गए,
    लाठी बिन मरते जो देखा सांप को,
    ‘दो दज़न’ उस पर ‘कसीदे’ पढ़ गए.

    -mansoor ali hashmi
    http://aatm-manthan.com

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    • मंसूर जी, अपने से मरा इसलिये लिख रहे हैं लोग कसीदे। इतना एतबार है कि कैमरे ने नहीं मारा! 🙂

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  12. सांप रेत पर बहुत अच्छे से चलते हैं केवल चिकनी सतह पर कुछ समस्या होती है ….किसी ने मारा हुआ सांप तो नहीं डाल दिया वहां पर \???

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    • सांप के शरीर पर चोट नहीं थी। कोई मार कर फैकेगा तो कोने में डम्प करेगा – रेत के मैदान के बीच यूं फैला कर छोड़ेगा? शायद नहीं।

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