गांव में बिजली समस्या का निदान – सोलर ऊर्जा की शरण से

GDMar187398
छत पर लगे 250वाट के आठ सोलर पैनल। पहले चार दो साल पहले लगवाये थे। बाकी अब के हैं।

गांव में शिफ़्ट होते ही मैने 2016 के प्रारम्भ में घर में 1 केवीए का सोलर पैनल लगवा लिया था। पर उसको लगाने के समय यह आकलन किया था कि उस सिस्टम से एक किलोवाट पावर आउटपुट बैटरी को मिलेगा और बैटरी लगभग उतना ही मुझे मेरे काम चलाने के लिये देगी। ऐसा हुआ नहीं। बाद में पता चला कि 250वाट के चार पैनल करीब 600वाट की शक्ति बैटरी को देते हैं। बैटरी लगभग 80% स्टोर की हुई ऊर्जा इनवर्टर के माध्यम से घरेलू उपकरणों को देती है। सो, पैनल लगाने के बाद भी हमारी ग्रामीण विद्युत सप्लाई पर निर्भरता बनी रही।

जब लगभग 10-12 घण्टे बिजली की सप्लाई आती थी, तब पैनल और सप्लाई दोनों को मिला कर सतत बिजली उपलब्धता की जरूरत पूरी कर देते थे। पर गांव में जर्जर सप्लाई नेटवर्क के कारण साल में 10-12 मौके आये जब कई दिनों तक बिजली नहीं आती थी।

एक बार तो बिना बिजली के पूरा हफ़्ता गुजर गया था।

कई दिनों बिजली न आने दशा में सोलर पैनल जरूरी पंखे और लाइट लगभग 18-20 घण्टे ही चला पाते थे। फ्रिज चालू करने का तो प्रश्न ही नहीं उठता था। मुझे याद है कि एक बार हमें एण्टी-रेबीज इन्जेक्शन फ़्रीजर में रखने थे और फ़्रिज चालू न होने के कारण आईस बॉक्स का इन्तजाम करना पड़ा था। उसके लिये बर्फ़ का इन्तजाम करना भी एक कठिन काम था। सब्जियां और भोजन अधिक बन जाने और उसके स्टोर न कर पाने को ले कर परिवार में कई बार चिक चिक हुई।

हमारा यह गांव सांसद महोदय ने गोद लिया हुआ है। तथाकथित आदर्श गांव होने के बावजूद भी बिजली की सप्लाई अनियमित है। इसमें बिजली कर्मी भी बहुत कुछ नहीं कर पाते। उनके पास लाइनमैन स्तर के कर्मियों की बहुत किल्लत है और दशकों की रूरल नेटवर्क के प्रति उपेक्षा के कारण हल्के आंधी और बयार से भी सप्लाई अवरोधित हो जाती है। एक बार अवरोधित हुई तो ठीक होने में दिनों लग जाते हैं। प्रान्त में नई सरकार आने के बाद स्थिति कुछ बेहतर हुई, पर अब लगता है कर्मचारी शुरुआती दौर की कर्मठता से उबर चुके हैं। अब वे समझ गये हैं कि नई सरकार में भी कमोबेश उसी “आनन्दमय” दशा में स्थितप्रज्ञ रहा जा सकता है, जिसमें वे पहले जी रहे थे। आखिर कब तक वे कमर कस कर जियें?

अकेले मोदी (या योगी) कितनी तलवार भांजेंगे?! उन्हें कई शॉक ट्रीटमेण्ट करने चाहियें गांव के स्तर पर। बिजली की वायदे अनुसार उपलब्धता एक प्रमुख बिन्दु है।

सभी घटकों पर विचार कर, कुल मिला कर, मुझे बहुत आशा नजर नहीं आई कि अगली गरमी में पर्याप्त बिजली सप्लाई मिलेगी। अंत: मैने घर में एक ऐसा बिजली उपलब्धता का तन्त्र बनाने की सोची जिसमें अनवरत बिजली सप्लाई बाधित होने के दशा में घर के एलईडी के बल्ब, पंखे, वाईफाई, आरओ मशीन, मोबाइल चार्जिंग, लैपटॉप और फ़्रिज सुविधाजनक रूप से चल सकें। केवल गीजर, वाशिंग मशीन और पानी छत की टंकी पर चढ़ाने के लिये बिजली सप्लाई/जेनरेटर की जरूरत हो।

अन्य बड़े खर्चों पर वरीयता देकर हमने दो हफ्ते पहले 250 वाट के चार सोलर पैनल, सोलर पावर चेंजओवर यूनिट और दो बैटरियों का एक सेट और लगवा लिया। इसके लगवाने में दो साल पहले की बजाय कम खर्च हुआ। पैनल की कीमत करीब 25-30% घट गयी है।

इस प्रकार मेरे पास 1-1 किलोवाट के दो सिस्टम हो गये – एक दिन की जरूरतों के लिये और दूसरा रात के लिये। इस सिस्टम की हॉट लाइन चेकिंग भी हो गयी। कल लगभग 30-32 घण्टे तक बिजली की सप्लाई नहीं थी। उस दौरान सभी पंखे और अन्य उपकरण सुचारु रूप से चल गये सोलर सिस्टम पर।

GDMar187396
पहले (दायें) और अब के (बांये) बैटरी/इनवर्टर/पी.सी.यू. सेट। नये सिस्टम में 1कि.वाट के सोलर पैनल और जोड़ने की गुंजाईश है। 

अब लगता है इस साल गर्मी और बरसात के महीनों में बिजली सप्लाई को ले कर हाय हाय नहीं रहेगी। हां, गांव वाले अपने मोबाईल चार्ज करवाने आते रहेंगे। (वैसे गांव में इतनी सोलर लाइट बंट गई हैं कि उसमें जुगाड लगा कर लोग अपने मोबाइल चार्ज करने में दक्ष होते जा रहे हैं।)

देर सबेर सौर ऊर्जा ही शरण देगी गांव देहात को।


 

Advertisements

Author: Gyan Dutt Pandey

Exploring village life. Past - managed train operations of IRlys in various senior posts. Spent idle time at River Ganges. Now reverse migrated to a village Vikrampur (Katka), Bhadohi, UP. Blog: https://halchal.blog/ Facebook, Instagram and Twitter IDs: gyandutt Facebook Page: gyan1955

3 thoughts on “गांव में बिजली समस्या का निदान – सोलर ऊर्जा की शरण से”

    1. सुकेम (SuCam) की। चार पैनल, 250वाट प्रत्येक, कुल 41 हजार के मिले। घर पर डिलिवरी समेत।

      Like

आपकी टिप्पणी के लिये खांचा:

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s